Deepak's View

Sapno aur hakikat ke beech ki Jung

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Deepak Gupta "Balidaani"


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Posted On: 26 Jun, 2013  
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Posted On: 22 Mar, 2013  
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Posted On: 24 Jan, 2013  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

अरे रावण भगवान शिव का सबसे बड़ा भक्त था फिर भी जब उसने अनुचित कार्य किये तो उन्ही भगवान् शिव ने उसे मरने का आशीर्वाद भगवान् राम को दिया….!! इससे ये साबित होता है के जब जब हम लोग अपनी मर्यादों को भूल कर पवित्रता का त्याग करेंगे तब तब ऐसे ही शांत और सम्पूर्ण भोले तांडव करेंगे ,….!! एक बार तो सोचो क्या भोले नही रो रहे होंगे अपने भक्तों की लाशों को अपने चारो ओर देख कर.. !! उनका भी सीना फट गया होगा अपने बच्चों की चीख पुकार सुन कर….!! आज अकेले केदार नाथ में भगवान् शिव अपने आँखों को नम करके विराजमान हैं और यही कह रहे हैं के मैं चाह कर भी तुम सबको तुम्हारे कर्मो से मुक्त नही कर सकता हूँ …! सटीक लेखन

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

शैलेश जी सर्वप्रथम आपको धन्यवाद आपने अपनी प्रतिकिर्या दी!!! मैंने ये लेख किसी को खुश या उदास करने के लिए नही लिखा है मैंने तो सिर्फ किसी पर हो रहे अन्याय को उजागर करते हुआ समाज के दर्ष्टिकोंन को जानने की कोशिश भर की है... मेरा खुलेपन से मतलब यहाँ अपनी मर्यादों को लांघना नही है बल्कि व्यक्तिगत संबंधो में पुरुष और महिलाओं के विचारों में ऊंच-नीच के भेद को खत्म करना है..!! मैं खुद एक सामान्य विचारों वाले मध्यमवर्गीय परिवार से हूँ .. और आज मैं जिस परिवेश में कार्य करता हूँ उस माहोल के लड़के-लड़कियों को भी अच्छे से देखा और समझा है मैंने... आपकी पर्तिकिर्या से पूरी नारी जाती पर पर्शंचिंह लगता है जबकि मैंने खुद देखा के सभी लडकियां गलत नही होती हैं ...!!! उम्मीद करता हूँ के आप भी मेरी बात को समझेंगे!!!

के द्वारा: Deepak Gupta Deepak Gupta

आपकी बातें तो सही है दीपक जी किन्तु खुले विचारों के अर्थ को स्पष्ट करना होगा...........सिर्फ एक बात से ही कोई खुले विचारों का नहीं हो जाता आपने जो तर्क दिए है उनको आधार बना कोई तलाक नहीं होता ऐसा बहुत कम ही सूना है की लड़की ने कुछ कह दिया तो वो खुले दिमाग वाली हो गई............हाँ कभी कभी सामने वाले की बात को समझना पड़ता है यदि पति खुले विचारों का ना हो तो आपको भी सरम गया नहीं छोडनी चाहिए............इसी प्रकार यदि पत्नी भी खुले विचारों की ना हो तो पति को मर्यादा में रह बोलना चाहिए.............खुले होने का अर्थ यह नहीं की आप कहीं भी कुछ भी कहते फिरें............इसी लिए मैं कहता हूँ आधुनिकता को पहले परिभाषित किया जाना होगा..........फिर सारे तर्क सही हैं........अन्यथा न लें किन्तु आपके इस लेख को मैं पूर्ण नहीं कहूंगा ..........आप इसे विस्तारित करे और उसके बाद बताएं की किस परिस्तिथियों में ऐसा हो सकता है

के द्वारा: ANAND PRAVIN ANAND PRAVIN

कितना मासूम सवाल है.. खुले विचार.. कितना खोलना चाहते है आप और क्या. इस देश में वेश्याओं की फैक्ट्री बन चुकी है बाॅलीवुड में. रीमा लांबा यानि मल्लिका शेरावत जिसने अपने पिता की इच्छा का असम्मान करते हुए वेश्या का तमगा लिया है और जिसे आप जैसों ने खुलेपन की देवी बना दिया है.. पुरुष को अपनी बीवी को कितना खोलना है ये उसका अपना निर्णय है.और क्या सीमाएं लांघकर ही आज की तथाकथित स्त्री को आनंद मिलता है . अगर ऐसा है तो पुरुष के खुलने पर भी किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.. और ये सब बातें यहां करके किसकिस को खुश करना चाहते हैं..आप ही खुद बेहतर जानते होंगे. माननीय कलाकार महोदय..  

के द्वारा: shailesh001 shailesh001

के द्वारा: vikasmehta vikasmehta




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